देशभर के सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील (Mid Day Meal) योजना के तहत काम करने वाले रसोइयों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। अब सरकार ने उनका मानदेय बढ़ाकर ₹6000 प्रति माह कर दिया है। लंबे समय से रसोइये अपने वेतन वृद्धि की मांग कर रहे थे, और आखिरकार यह फैसला उनके लिए राहत लेकर आया है।
क्यों है यह फैसला अहम?
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने का जिम्मा इन रसोइयों का होता है। पहले इनका मानदेय बहुत कम था जिससे वे आर्थिक रूप से परेशान रहते थे। अब सरकार द्वारा मानदेय बढ़ाने से उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और वे सम्मानजनक जीवन जी पाएंगे।
₹6000 मानदेय से कितना होगा फायदा?
पहले कई राज्यों में रसोइयों को केवल ₹1500 से ₹3000 तक ही मानदेय मिलता था। लेकिन अब इसे बढ़ाकर ₹6000 महीना कर दिया गया है। इससे करीब लाखों रसोइयों को सीधा लाभ मिलेगा।
इस फैसले का असर
- आर्थिक मजबूती – अब रसोइये बेहतर तरीके से परिवार चला पाएंगे।
- बेहतर क्वालिटी का खाना – आर्थिक सुरक्षा मिलने से वे बच्चों के लिए और अच्छे से खाना बना पाएंगे।
- सामाजिक सम्मान – वेतन वृद्धि से रसोइयों की समाज में इज्जत और बढ़ेगी।
सरकारी योजनाओं से जुड़ाव
यह फैसला मिड-डे मील योजना को और मजबूत करेगा। सरकार पहले ही बच्चों के पोषण पर जोर देती आ रही है। अब रसोइयों को भी उचित मेहनताना मिलने से यह योजना और प्रभावी होगी।
FAQ – सरकारी स्कूल रसोइयों के लिए
Q1: सरकारी स्कूल के रसोइयों को अब कितना मानदेय मिलेगा?
अब उन्हें ₹6000 महीना मानदेय मिलेगा।